Tuesday, August 13, 2019

जीवन के हर क्षेत्र में पर्दा है

पर्दा
आप लैटरीन का दरवाजा बंद करते हैं , घर पहुँचते ही डोर बंद कर लेते हैं . पैसे वाले हैं तो AC2 का टिकट लेते हैं और केबिन का पर्दा तान देते हैं .
घर के दरवाजे और खिड़की में पर्दा लगाते हैं .
घर बनाने का महत्त्व पुर्ण कन्सेप्ट ही है के आप परदे में रहें और आप क्या कर रहे हैं कोई दुसरा ना देखे . कोई बिना दस्तक दिये घुस जाये तो आप चीढ जाते हैं.
जीवन के हर क्षेत्र में पर्दा है .
अन्य से परदा आप का निजी अधिकार माना जाता है .
जिस तरह से चहारदिवारी एक घर है , हमारा शरीर हमारे अस्तित्व के लिए एक घर है .

अगर चहारदीवारी से बने घर में किसी का घुसना यानी पर्दा हटाने का अधिकार देना आप की मर्जी है , तो किसी के शरीर से परदा हटाना दुसरे की मर्जी कैसे हो सकती है ?
घर उखाड़ कर साथ ले कर नही चल सकते और बाहर खुले में निकलना होता है तो परदे का प्रारूप कपड़े पर आ कर टिक जाता है .
दरवाजा बंद रखने वाले को आप यह नही कह सकते के तुमहे दरवाजा खुला रखना होगा ,सुरक्षा के दृष्टी से भी नही .
अगर कोई भी महिला या पुरूष अपने शरीर के किसी अंग को अन्य व्यक्ति को दिखाने में सहज नही है तो किस आधार पर उस पर ज़बर्दस्ती की जा सकती है ,या उसका मजाक भी उड़ाया जा सकता है ?
जबकी सभी लोग कहीं ना कहीं परदा ही तो करते हैं ?

(कॉपी-पेस्ट)

No comments:

Post a Comment

Featured Post

 خوداحتسابی کا فقدان ہماری ناکامیوں کا سبب ہے ہم نے اپنی ناکامیوں کا ٹھیکرا دوسروں کے سر پر پھوڑنا سیکھ لیا ہے۔ کسی بھی اجتماعی یا انفرادی ن...